अंदर की ओर लगने वाला बल जो गति को केंद्र की ओर मोड़ता है।
वृत्ताकार गति में वस्तु की दिशा लगातार बदलती है। जो कुल बल उसे केंद्र की ओर मोड़ता है उसे अभिकेंद्रीय बल कहते हैं।
उदाहरण: रस्सी का खिंचाव गोल रास्ते पर चलते पत्थर को केंद्र की ओर मोड़ सकता है।
ऐसा असर जो किसी चीज को अपनी ओर खींचे।
ऐसा असर जिसमें एक चीज दूसरी चीज की ओर खिंचती है। किसी वस्तु का दूसरी वस्तु की ओर खिंचना आकर्षण की आसान मिसाल है।
उदाहरण: किसी वस्तु का दूसरी वस्तु की ओर खिंचना आकर्षण की आसान मिसाल है।
समकोण त्रिभुज की सबसे लंबी भुजा।
समकोण त्रिभुज में कर्ण सबसे लंबी भुजा होती है और समकोण के सामने रहती है। यह नाम उसी खास भुजा के लिए है।
उदाहरण: समकोण के सामने वाली सबसे लंबी भुजा कर्ण है।
वृत्त का बीच वाला बिंदु, जो किनारे से समान दूरी पर हो।
वृत्त का हर बिंदु केंद्र से एक ही निश्चित दूरी पर होता है। रस्सी वाले पत्थर में हाथ की जगह केंद्र हो सकती है।
उदाहरण: रस्सी वाले पत्थर में हाथ की जगह केंद्र हो सकती है।
केंद्रीकरण-शक्ति
पुस्तक में प्रयुक्त विशेष शब्द
भौतिकीकेंद्रीकरण-शक्ति स्रोत में एक मानी गई अंदरूनी प्रतिरोधक शक्ति का नाम है।
पुस्तक के नमूने में यह नाम पिंड के भीतर मानी गई ऐसी छिपी शक्ति के लिए है जो थोपी गई गति का विरोध करती है। यह पुस्तक की अपनी अभिव्यक्ति है। इसे अपने-आप आधुनिक भौतिकी का कोई तय शब्द नहीं मानना चाहिए।
उदाहरण: स्रोत कहता है कि पिंड की केंद्रीकरण-शक्ति उस पर थोपी गई गति का विरोध करती है।
वह रास्ता जिस पर चलती वस्तु आगे बढ़ती है।
जब किसी वस्तु को फेंका या चलाया जाता है, हवा में उसका पूरा रास्ता उसका गति-पथ होता है। गोली आगे बढ़ते हुए नीचे की ओर मुड़ सकती है।
उदाहरण: गोली आगे बढ़ते हुए नीचे की ओर मुड़ सकती है।
गति का प्रतिरोध
पुस्तक में प्रयुक्त विशेष शब्द
भौतिकीगति का प्रतिरोध नई थोपी गई गति को आसानी से स्वीकार न करना है।
पुस्तक की चर्चा में यह उस हालत को बताता है जब पिंड नई थोपी गई गति को आसानी से स्वीकार नहीं करता। कथन पूछते हैं कि इस प्रतिरोध की वजह क्या है। इसे अपने-आप आधुनिक जड़त्व का दूसरा नाम नहीं मानना चाहिए।
उदाहरण: यदि पिंड नई दी गई गति को आसानी से न माने, तो इसे गति का प्रतिरोध कहा जा सकता है।
उस क्षण वस्तु जिस ओर चल रही है।
गति की दिशा बताती है कि वस्तु किस ओर जा रही है। दिशा बदलने से रास्ता बदल जाता है।
उदाहरण: पूर्व की ओर चलती वस्तु की गति की दिशा पूर्व है।
वह प्राकृतिक खिंचाव जो वस्तुओं को पृथ्वी की ओर खींचता है।
जब हम किसी वस्तु को छोड़ते हैं तो वह पृथ्वी की ओर आती है। इस खिंचाव को गुरुत्वाकर्षण कहते हैं। रोज़मर्रा की वस्तुओं के जमीन की ओर गिरने को समझाने के लिए यही शब्द काम आता है।
उदाहरण: हाथ से छोड़ा गया सेब जमीन की ओर गिरता है।
वस्तु का अपनी गति की हालत बदलने का विरोध।
वस्तु रुकी हो तो रुकी रहने और चल रही हो तो चलती रहने की ओर रहती है, जब तक कोई असर उसकी हालत न बदले। मेज़ पर रखी किताब धक्का दिए बिना अपने आप चलना शुरू नहीं करती।
उदाहरण: मेज़ पर रखी किताब धक्का दिए बिना अपने आप चलना शुरू नहीं करती।
किसी पिंड का दूसरे पिंड या किसी केंद्र के चारों ओर घूमना।
कोई पिंड किसी केंद्र या दूसरे पिंड के चारों ओर रास्ता तय करता है। एक पूरी परिक्रमा का अर्थ एक पूरा चक्कर है।
उदाहरण: ग्रह का केंद्र के चारों ओर घूमना यहाँ परिक्रमा कहलाता है।
प्राकृतिक झुकाव
पुस्तक में प्रयुक्त विशेष शब्द
भौतिकीप्राकृतिक झुकाव पिंड का अपना माना गया रुझान है।
पुस्तक की चर्चा में इसका अर्थ उस दिशा या तरह की गति से है जिसकी ओर पिंड को अपने स्वभाव से झुका हुआ माना गया है। यह बताए गए पुराने नमूने का हिस्सा है। इसे अपने-आप आधुनिक भौतिकी का कोई तय शब्द नहीं मानना चाहिए।
उदाहरण: यदि किसी पिंड को अपने-आप एक दिशा की ओर जाने वाला माना जाए, तो वह उसका प्राकृतिक झुकाव है।
धक्का या खींच जो किसी वस्तु की गति बदल सकता है।
बल किसी वस्तु को चलाना शुरू कर सकता है, रोक सकता है, तेज़ या धीमा कर सकता है, या उसकी दिशा बदल सकता है। डिब्बे को धक्का देना उस पर बल लगाना है।
उदाहरण: डिब्बे को धक्का देना उस पर बल लगाना है।
ऐसी रेखा जो दूसरी रेखा से समकोण बनाए।
दो रेखाएँ समकोण बनाकर मिलें तो वे एक-दूसरे पर लंब होती हैं। इसे चौकोर कोने की तरह समझा जा सकता है।
उदाहरण: चौकोर कोने की दो धारें एक-दूसरे पर लंब होती हैं।
विकर्षण
पुस्तक में प्रयुक्त विशेष शब्द
भौतिकीविकर्षण पुस्तक की चर्चा में ऐसे प्रभाव या प्रवृत्ति का नाम है जो खिंचाव या केंद्र से दूर जाने वाली मानी जाती है।
इन कथनों में विकर्षण को बाहर या दूर जाने वाले प्रभाव के रूप में रखा गया है। यह पुस्तक में चर्चा किए जा रहे नमूने की अपनी अभिव्यक्ति है। इसे अपने-आप आधुनिक भौतिकी की किसी एक तय शक्ति के बराबर नहीं मानना चाहिए।
उदाहरण: यदि एक प्रभाव भीतर की ओर खींचे और दूसरा दूर जाने वाला माना जाए, तो इस चर्चा में दूसरे को विकर्षण कहा जाता है।
वृत्त या गोल रास्ते पर होने वाली गति।
वृत्तीय गति में वस्तु चलती रहती है लेकिन उसकी दिशा लगातार बदलती है। रस्सी से बँधे पत्थर को घुमाना सरल उदाहरण है।
उदाहरण: रस्सी से बँधे पत्थर को घुमाना सरल उदाहरण है।
बिना मुड़े सीधे रास्ते पर चलना।
ऐसी गति जिसमें वस्तु किसी दूसरी दिशा में मुड़ने के बजाय एक सीधे रास्ते पर चलती रहे। सीधी सड़क पर सीधे आगे बढ़ना इसकी आसान मिसाल है।
उदाहरण: सीधी सड़क पर सीधे आगे बढ़ना इसकी आसान मिसाल है।
वह सीधी दिशा जो वृत्त को एक बिंदु पर छूती है।
स्पर्शरेखा वह सीधी रेखा है जो वृत्त को किसी एक बिंदु पर छूती है और उसी बिंदु पर उसकी गोलाई के साथ नहीं मुड़ती। रस्सी छोड़ने के बिंदु पर वृत्त को छूती सीधी दिशा स्पर्शरेखा की दिशा होती है।
उदाहरण: रस्सी छोड़ने के बिंदु पर वृत्त को छूती सीधी दिशा स्पर्शरेखा की दिशा होती है।